Sunday, February 2, 2020

चाचा की बेटी को बहुत मजे से चोदा


10th बोर्ड एग्जाम का आखरी दिन था। मैं पेपर देकर सीधे घर की ओर चल पड़ा।  खुशी दुगनी थी।  क्योंकि अब पढ़ाई का प्रेशर बिल्कुल नहीं था। और दूसरी बात थी  कि  मैं  अपने परिवार के साथ चाचा के वहां गर्मी की छुट्टियां बिताने जाने वाला  था।   चाचा का परिवार मुंबई में रहता है  और  चाचा की एक बेटी है।  जिसका नाम निहारिका है।   निहारिका मुझसे 4  महीने  बड़ी थी।   मेरा ओर निहारिका का रिश्ता भाई-बहन का ही नहीं बल्कि हम दोनों बेस्ट फ्रेंड जैसे थे।   मुझे निहारिका  से  मिले तकरीबन 2  साल हो चुके थे । हालांकि हमारी कभी-कभी फोन पर बात होती थी।

हम सब 3 दिन के बाद मुंबई के लिए रवाना हो गए। अगली ही सुबह हम मुंबई पहुंच गए और स्टेशन पर चाचा हमें लेने गए। हम सब घर की ओर चले गए। दरवाजा निहारिका ने खोला, दोस्तो वह एक पल हैं। जब मैं निहारिका को 2 साल के बाद देख रहा था। मुझे अपनी आंखों पर यक़ीन नहीं हो रहा था। उसका दूध जेसा गोरा बदन जिस पर उसने शॉर्ट्स ओर टाइट टीशर्ट पहन रखा था। जिसमें उसकी सेक्सी टाँगे, उबरे हुए गोल ख़ूबसूरत बूब्स ओर उसके चूतड़ बिल्कुल आश्चर्यजनक लग रहे थे। मैं निहारिका को देखता ही रह गया।

मैं निहारिका और चाची से मिला। निहारिका मुझे देखते ही बहुत ख़ुश हो गई। पूरा परिवार लिविंग रूम में बैठ कर हंसी मजाक करने लगा। थोड़ी देर बाद निहारिका ने कहा मेरे कमरे में चलो वहां चलके बात करते है। ओर मैं उसके कमरे में चला गया। हम दोनों पुरानी यादें ताजा करने लगे। निहारिका ने अपनी स्कूल लाइफ ओर अपने दोस्तो बारे में बहुत सी बाते बताने लगी। मैने उसे कहा कि जब मैने तुम्हे दरवाजे पर देखा तो मुझे अपनी आंखो पर विश्वास नहीं हुआ। तुम पहले से कितनी ज्यादा खूबसूरत हो गई हो।

निहारिका- तुम भी तो बहुत बदल गए हो। लंबाई भी काफ़ी बढ़ गई है ओर भाई सच्च कहूं तो पहले से कुछ ज्यादा स्मार्ट और हैंडसम दिख रहे हो( हंसते हुए) कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?

मैं- अरे नहीं यार बोर्ड एग्जाम के चक्कर में मुझे अपने दोस्तो से मिलने का समय नहीं था। गरलफ्रेंड तो बहुत दूर की बात है।

निहारिका- चल कोई बात नहीं। मेरी बहुत सारी फ्रेंड है कहीं ना कहीं तो तेरा मामला सेट कर ही दूंगी।

मैं- अच्छा जी इतना प्यार कब से?

निहारिका- एक बहन का उसके भाई के लिए इतना तो फर्ज बनता ही है।

फिर हम दोनों उसके लैपटॉप में मूवी देखने लगे। तभी चाची कमरे में आए ओर वो बोल रही थी की तुम्हारे चाचा ने शाम को पूरे परिवार के साथ जुहू बिच जाने का प्लान बनाया है। ये सुनते ही मैं और निहारिका बहुत ख़ुश हो गए।

शाम के 6.00 बजे थे। आधा दिन तो एक दूसरे ने बाते करने में ही निकाल गया। मैं तैयार हो कर लिविंग रूम में मम्मी से बाते करने लगा। तभी निहारिका भी तैयार हो कर लिविंग रूम में गई। उसने गुलाबी टीशर्ट के साथ डेनिम जीन्स स्कर्ट और सफेद जुते पहने थे। उसके तंग टीशर्ट में उसके बड़े बूब्स बहुत आकर्षक लग रहे थे। और उसकी सेक्सी चूतड़ का तो में दीवान सा हो गया था। खुले बलो में  तो वह कतई जहर दिख रही थी। निहारिका मेरे पास आई।

निहारिका: मैं कैसी दिख रही हूं।

"एकदम चलता फिरता आइटम बम"

निहारिका: अच्छा जी। तब तो तुम बच कर रहना कहीं पुलिस वाले तुम्हे अतांगवादी समझकर पकड़ ना ले।

मैं उसको देखकर हंसने लगा। वह बहुत सेक्सी दिख रही थी। और उसकी अदाएं तो मुझे घायल की किए जा रही थी। इतने में चाचा और पापा हमारा कार में इंतज़ार कर रहे थे। हम सब जुहू बिच के लिए निकल गए और वहां पहुंच गए। समुन्द्र के किनारे पे जा कर हम दोनों एक दूसरे पे पानी उछालने लगे। मुझसे बचकर वो किनारे की ओर भागने लगी। उसके बूब्स गेंद की तरह उचल रहे थे। हम दोनों ने बहुत मस्ती कि और फिर कार्नर की दुकान पर चाट और आइसक्रीम खाई। करीब 2 घंटे समय बिताने के बाद हम सब घर वापस गए।

हम सब ने रात का खाना एक साथ खाया। तभी पापा ने  अगली सुबह पूरे परिवार के साथ मुंबई में दूसरे रिश्तेदारों से मिलने का प्लान बना दिया। मैने ओर निहारिका ने साफ जाने से इंकार कर दिया। बस सोने की ही तैयारी हो रही थी। चाचा का फ्लैट 2BHK था। एक कमरे में मम्मी और चाची सोने चली गई और मेरा और निहारिका का मूवी देखना का प्लान था। इसलिए पापा और चाचा निहारिका के कमरे में सोने चले गए। मैंने और निहारिका ने ज़मीन पर ही बिस्तर बिछा दिया। और टीवी पे मूवी देखते-देखते एक दूसरे से बाते करने लगे।

काफी देर मूवी देखने के बाद हम दोनों को नींद आने लगी। निहारिका ने रूम लाइट और टीवी बंद कर दिया। और बिस्तर पर आकर लेट गई। हम दोनों एक दूसरे को गुड नाइट बोल कर सो गए। मैं काफी थका हुआ था। इसलिए मुझे कुछ ही मिनट में नींद गई। क़रीब रात के 3 बजे मेरी आंख अचानक खुली।  मैने अपने पास में हलचल महसूस की। मैं ये देख के दंग था। कि निहारिका ठीक मेरी बाई और मुझसे लिपट कर सोई हुई थी। मुझे सीधे सोने की आदत है। और निहारिका का बाया पैर मेरे लन्ड के ठीक नीचे था। और उसने हाथ मेरी छाती पर रखा हुआ था।  वह मुझे कसकर सोई हुई थी। जैसे वह किसी तकिए से लिपटी हो। ये देख कर मेरा लन्ड कुछ सेकंड में खड़ा हो गया।

मैने 10 मिनट तक सीधे ही लेठा रहा। और वह मुझसे अभी भी लिपटी थी। अब मुझसे भी रहा नहीं गया और में अचानक से उसकी ओर में मुड़ गया ओर मैने अपना हाथ उसके बगल में रख दिया। अब हम दोनों ही एक दूसरे से लिपटे हुए थे उसका चेहरा ठीक मेरे चेहरे के सामने था।  हम दोनों के होठों के बीच में 2 या 4 इंच का गैप था। अब मुझे धीरे-धीरे समझ में रहा था। कि वो भी सोने का नाटक कर रही है। क्योंकि उसकी सांसे अब पहले से तेज़ चल रही थी। ओर उसके पैर भी कांप रहे थे। लेकिन फिर भी वो मुझसे लिपटी रही। मेरी आंखे खुली हुई थी। अचानक से उसके ओर करीब जाकर अपने होठों को उसके होठों से मिला दिया। बस इतना होते ही उसने अपनी आंखे खोल दी और मेरी आंखे खुली देखकर वह घबरा गई और पीछे की ओर मुंह करके सो गई।

मैं भी थोड़ा सा घबरा गया और मैने आगे कुछ नहीं किया। इसलिए में दाई और मुंह फेर कर सो गया। फिर सुबह हो गई। चाचा ऑफिस चले गए और बाकी के सदस्य भी रिश्तेदारों से मिलने चले गए।  मुझसे पहले निहारिका उठ चुकी थी। और बाद में मेरी भी नींद खुल गई।

अब मैं ओर निहारिका घर पे अकेले थे। हम दोनों को ही जोरो की भूख लगी थी। इसलिए मैने ऑनलाइन पिज़्ज़ा ऑर्डर किया और डिलीवरी बॉय पिज़्ज़ा लेकर गया।

हम दोनों सोफे पर साथ में बैठ गए और टीवी देखते-देखते पिज़्ज़ा खाने लगे। निहारिका आज काफ़ी शांत थी। मुझसे बाते भी नहीं कर रही थी। मेरे दिमाग में घूम-फिर कर रात वाला सीन ही रहा था। जो कि मुझे अपनी चचेरी बहन के प्रति चुदाई की उतेजना बढ़ाई जा रहा था। मेरी उसे सीधे पूछने की हिम्मत नहीं हो रही थी। लेकिन फिर मैने उसे हिम्मत करते हुए पूछा-

मैं- क्या हुआ? आज बहुत शांत हो?( उसकी आंखो में देखकर)

निहारिका- कुछ भी तो नहीं।

मैं- अच्छा तो जो कल रात हम दोनों के बीच हुआ था। उसके बारे में आपका क्या कहना है? (हंसते ओर निहारिका को उकसाते हुए)

निहारिका: कल रात? मतलब? (घबराते हुए)

उसका रिएक्शन देखकर मैं समझ गया कि वह रात वाले सीन को सोचकर शर्मा रही है। मैं बिना डरे उसके होठो पर किस्स कर दिया। ओर उसकी आंखो की और देखने लगा, शर्म के कारण उसने आंखे नीचे कर ली। और उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान थी। इतना देखकर मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया था। मैं बिना सोचे समझे उसे पकड़ के स्मूच करना शुरू कर दिया। थोड़ी देर के बाद उसने भी मुझे गले लगा लिया। मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था।

मैंने उसे अपनी बाहों में उठाकर बेडरूम की ओर बढ़ा। और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। उसने अपने दोनों हाथ मेरे सामने किए और बाहों में आने का इशारा किया। मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके होठों को चूमने लगा। हम दोनों चुदाई के मूड में गए। मैने उसका टीशर्ट उतार दिया। उसने ब्रा नहीं पहन रखी थी। उसके गोरे बदन को देखकर तो मैं पागल सा हो गया। मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबाते हुए। अपने मुंह से उसकी निप्पल को चूसने लगा। उसे बहुत मजा रहा था।

लेकिन मैं तो उसकी कुंवारी चूत को देखने के लिए तड़प रहा था। वह बेड पर लेटी हुई थी और मैं उसके सामने खड़ा हो गया। पहले मेंने अपना टीशर्ट खोला और तुरन्त मैने उसकी शॉर्ट्स और उसकी सफ़ेद पैंटी को उतार दिया। अब वो मेरे सामने पूरी नंगी लेटी हुई थी। उसकी चूत पिंक और टाइट थी। मैने ज़िन्दगी में पहली बार लाइव चूत देख रहा था। उसकी चूत के ऊपर हल्के-हल्के बाल थे। जैसे उसने कुछ दिनों पहले ही शेव किया हो। धीरे-धीरे मैं उसकी चूतड़ के पास अपना मुंह ले कर गया और उसकी चूत को चूमने लगा।

इतने में ही में अपने होशहवास खो बैठा और अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर और बाहर करने लगा। साथ ही एक उंगली से उसकी चूत में फिंगरिंग करना शुरू कर दिया। निहारिका मानो अब तड़पने ही लग गई थी। उसके पैर कांप रहे थे। और मुंह से कराह रही है। उसकी कराह देखकर मैं  और जोश में गया। वह अपने एक हाथ से मेरे सर को सहला रही थी।

मैं उसके बगल में लेट गया और अपनी जीन्स उतार दी। मेरा 6इंच का लन्ड उसकी चूत में जाने के लिए मचल रहा था। उसने मेरे लन्ड को हाथ से पकड़ के हिलाने लगी। निहारिका पूरे मूड में थी। मैंने भी बिना समय गवाए। उसके ऊपर चढ गया और एक हाथ से लन्ड को पकड़ के चूत में डालने की कोशिश करने लगा। लेकिन अंदर नहीं घुस रहा था।  दो-चार ज़ोर से झटके देने के बाद मेरा आधा लन्ड उसकी चूत में घुस गया। निहारिका दर्द से चिला उठी। उसको दर्द में देखकर।  मैं थोड़ी देर के लिए रुक गया। और उस उसे अच्छा महसूस कराने के लिए उसे गले लगा लिया ओर होंठ ओर गले पे किस्स करने लगा।

थोड़ी देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ। तो मैने अपना लन्ड एक ही झटके में पूरा उसकी चूत में उतार दिया। और बिना रुके अंदर-बाहर करने लगा। शुरुवात में उसे दर्द हो रहा था। लेकिन बाद में उसे भी चुदवाने में मजा आने लग। मुझे उसकी टाईट चूत को चोदने में बहुत मज़ा रहा था। चुदाई तकरीबन 10 मिनट तक चली और मैने अपना माल निहारिका की चूत में ही छोड़ दिया। ओर उसके ऊपर ही लिपट के सो गया। ये देख कर निहारिका बहुत डर गई। ओर बोलने लगी अगर में प्रेगनेंट हो गई तो? फिर मैने उसे अच्छे से समझाया ओर कहा डरो मत मेरी जान। मैं सब देख लूंगा। तब जाकर वह राहत की सांस लेने लगी।  बेड शीट खून से भर गई थी। हम दोनों ने धोकर सूखा दिया। ओर शाम तक 3 बार ओर चुदाई का मजा लिया।

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17 comments:

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